प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2022 ऑनलाइन एप्लीकेशन | PMKSY Form

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भारत में ज्यादातर कृषक खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर आश्रित रहते हैं । इस वजह से किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है । किसानों की इसी स्थिती को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत देश भर के कृषकों को कृषि में सहायता पहुँचाने के लिए की है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एक ऐसी योजना है जिसके तहत सरकार कृषकों को कृषि सिंचाई से संबंधित उपयोग होने वाले साधन मुहैया करवाएगी । भारत सरकार इन कृषि सिंचाई से संबंधित साधानों को क्रय करने के लिए इस योजना के जरिये सहायक राशि अनुदान करती है। इन उपकरणों से किसान खेतों की सिंचाई आसानी से कर सकता है और पानी की बचत भी कर सकता है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2022

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2022 :  देखें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का शुभारंभ इसी सोच से किया गया कि देश भर के किसानों को इस योजना से मदद मिले । कृषकों को खेतों की सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता है और वर्षा फसलों की पानी की ज़रूरत के हिसाब से नहीं होती है । भारत के कई हिस्सों में बहुत कम बारिश होती है और वहाँ सूखा रहता है । उन जगहों में तो ये योजना बहुत ही लाभकारी है । फसलों की बुआई , गोड़ाई , उनके उगने और पकने तक पानी की ज़रूरत होती है ।

क्योंकि किसी भी फसल में फल आने के लिए पौधे को अपने लिए खाना बनाना पड़ता है जिसमें पानी की जरूरत पड़ती है । ये पानी की जरुरत पौधा अपनी जड़ों से पूरी करता है । अगर खेत की सिंचाई अच्छे से होगी तो फसल अच्छी आयेगी । कृषकों को इसी समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए कृषि सिंचाई योजना 2021 के तहत फसल की सिंचाई के लिए जल का प्रबंध किया जायेगा ।

PMKSY Form 2022

केंद्र सरकार की इस योजना से आम कृषकों के अलावा सहकारी समिति ,स्वयं सहायता समूह ट्रस्ट ,अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों के सदस्यों आदि को भी फ़ायदा मिलेगा । सरकार ने इस योजना के लिए 50,000 करोड़ रुपये की राशि निश्चित की है । 22 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में एक केबिनेट अधिवेशन किया गया और इस अधिवेशन में केबिनेट ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 1706 करोड़ रुपए वितरित किये ।

इसमें 682 करोड़ 40 लाख 40 हजार रुपए मध्य प्रदेश के लिए सुनिश्चित किये गए । इस राशि से मध्यप्रदेश के मंडला, डिंडोरी, शहडोल,उमरिया तथा सिंगरौली जिलों में बोरवेल का सृजन किया जाएगा ताकि कृषक फसलों की सिंचाई कर सकें। 62,135 हेक्टेयर भूमि  इस बोरवेल सिंचाई सुविधा के लिए सुनिश्चित की है ।

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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2022 का उद्देश्य व योजना से जुड़े मुख्य अंश

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उद्देश्य देश के किसानों की खेती के लिए पानी की व्यवस्था करना है । इस योजना का शुभारंभ 1 जुलाई, 2015 को “हर खेत कोई पानी” के उद्देश्य से किया गया ताकि कृषक सिंचाई की सुविधा से खेती को विस्तृत रूप से कर सकें और पानी की बर्बादी को भी रोक सकें । पानी के बिना खेती करना मुश्किल है । सिंचाई खेतों में उगाई जाने वाली फसलों के लिये बहुत जरूरी है । बिना सिंचाई के फसल खराब हो जाती है जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है ।

PM Krishi Sinchai Yojana 2021
PM Krishi Sinchai Yojana 2022

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2021 के जरिये सरकार कम बारिश होने के कारण होने वाले सूखे की स्थिती से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा जोर जल संसाधनों के उपयोग पर दे रही है जिससे कि कृषक धरती पर मौजूद जल संसाधन का तरीके से उपयोग में ला पाये । 2015 में देश के प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य बिंदु किसानों को खेती के लिए पानी की व्यवस्था करना है जिससे कि उनकी फसल में बढ़ोतरी हो । इससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पंजीकरण 2022

जाने  प्रधानमंत्री अधिक फसल प्रति बूंद योजना : प्रधानमंत्री अधिक फसल प्रति बूंद योजना के अंतर्गत सरकार ने प्रत्येक फसल योजना के अंदर अधिक फसल के लिए पानी व्यवस्था साधन का प्रबंध करेगी ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें । देश के विभिन्न हिस्सों में कृषकों को सिंचाई से जुड़ी जानकारी देने के लिए शिक्षण देना , पानी के उचित तरीके से उपयोग को ले कर जागरूक करना ताकि पानी व्यर्थ ना हो , छोटे छोटे समूहों में जल स्तोत्र का एक प्रणाली में उपयोग करने के लिए उत्साहित करना इस योजना में शामिल है । प्रधानमंत्री मुद्रा प्रति बूंद योजना पाँच सालों में खेती को बढ़ावा देगी।

Yojana PM Krishi Sinchayee Scheme
Under Central Government of India
Beneficiaries Farmers
Form PMKSY Registration Form in Hindi
Official Portal Pmksy.gov.in
Objective To provide better irrigation facilieis
Applicable In all over state

Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana

इस के लिए सरकार ने एक आधिकारिक किसान वेवसाइट http://pmksy.gov.in की भी शुरुआत की है । इसके जरिये कृषकों को कहीं भी योजना से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी। हिमाचल प्रदेश में भी जापान की एक योजना जायका ( JICA ) राज्य सरकार के साथ मिलकर खेतों की सिंचाई के संसाधनों के बारे में किसानों को जागरूक कर रही है ।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की खूबियां भारत देश में सरकार विभिन्न योजनाओं की शुरुआत करती है जिसमें किसानों को फायदा पहुँचाने के लिए बहुत सी योजनाएं हैं। इन्ही योजनायों में से एक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कृषको को   खेती के लिए पानी मुहैया करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई है ।सरकार कृषको को खेतों की सिंचाई के आधुनिक साधन खरीदने के लिए सहायक राशि प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से समय, पैसे और पानी की बचत होगी।

इस योजना की मदद से जल के प्राकृतिक स्त्रोतों जैसे कि भूमिगत जल , जल संचय आदि के विकास पे ज़ोर देगी । इस योजना के जरिये सरकार सिंचाई के लिए  उपयोग होने वाला पानी व्यर्थ ना हो और पानी की बचत हो इसके लिए सिंचाई के नए तरीके जैसे कि ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई के उपयोग पे बल देगी। जिससे फसल की अच्छी पैदावार होगी और किसान आर्थिक तौर पे आत्मनिर्भर बनेंगे। जिन नागरिकों के पास अपनी खेती योग्य जमीन है वो सभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं ।

PMKSY Online Application 2022

जो लोग अनुबंध खेती करते हैं वो भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं । सहकारी सदस्य और सेल्फ हेल्प ग्रुप भी इस योजना के तहत फ़ायदा ले पाएंगे । सरकार ने इस योजना का फ़ायदा लेने के लिए एक प्रमाणित वेबसाईट बनाई है जिसमें जाकर आवेदक को आवेदन करना होगा । सरकार इस योजना के तहत सिंचाई के साधन क्रय करने के लिए 80% से 90% तक की सहायक राशि कृषकों को देगी ।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का फ़ायदा लेने के लिए योग्यता :

देखें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का फ़ायदा देश के सभी खेती करने वाले कृषक ले सकते हैं । कृषको के पास खेती करने योग्य ज़मीन होनी चाहिए । कृषकों के अलावा सेल्फ हेल्प ग्रुप्स, ट्रस्ट, सहकारी समिति, कंपनियां, मिलकर उत्पादन करने वाले समूहों के किसान आदि भी इस योजना के पात्र होंगे । अनुबंध खेती करने वाले कृषक भी इस योजना का फ़ायदा ले सकते हैं । हर राज्य का नागरिक अपने राज्य में ही इस योजना के लिए योग्य होगा ।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के फायदे

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कृषको के खेतों की सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था करना है ताकि किसानो को खेतों की सिंचाई के लिए कम पानी के कारण होने वाले  खामियाजे को ना भुक्तना पड़े ।जिन कृषको के पास अपनी खुद की खेती वाली ज़मीन है और साथ में जल संसाधन भी हैं उन्हें इस योजना का फ़ायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2021के क्रियांवित होने से देश की अर्थ व्यवस्था का भी विकास होगा क्योंकि देश में खेती विस्तृत रूप से की जा सकेगी । जो लोग या किसान पानी की कमी के कारण खेती नहीं कर रहे थे वो भी खेती करना शुरू करेंगे क्योंकि अब उन्हें सिंचाई के लिए वर्षा पे निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

PM Krishi Sinchayee Scheme Form 2022

पहले इन किसानों की फसल सिंचाई के अभाव में खराब हो जाती थी । ड्रिप/ स्प्रिंकलर,रेन गन आदि सूक्ष्म सिंचाई सुविधाओं से कृषक न केवल पानी की बचत कर पाएंगे बल्कि रासायनिक खादों के प्रयोग में भी कमी आएगी । सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले नए तरीकों से पानी की भी बचत होगी जिससे फसलों को बारिश न होने की स्थिती में भी पानी मिल पायेगा । इससे फसलों की गुणवत्ता में सुधार होगा । किसान को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा। सरकार सिंचाई से जुड़े नई तकनीक के उपकरण ख़रीदने के लिए सहायक राशि देती है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत केंद्र सरकार 75 % और राज्य सरकार 25% अनुदान प्रदान करती है ।

सूक्ष्म सिंचाई से होने वाले फ़ायदे : इससे पानी की बचत होगी  और पानी के प्रयोग में निपुणता आएगी । फसल की गुणवत्ता में सुधार आएगा और अच्छी पैदावार होगी जिससे किसानों को आर्थिक रूप में काफ़ी फ़ायदा मिलेगा । उर्वरक के प्रयोग में भी निपुणता आएगी।यद्यपि अकेले किसान द्वारा सिंचाई के लिए प्रयोग होने वाले पानी ज्यादा व्यर्थ होता है पर इस सूक्ष्म सिंचाई से पानी की बचत होगी ।

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने के लिए जरूरी प्रमाण पत्र :  किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना आवश्यक होता है पर आवेदन के लिए कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य होने चाहिए । किसान का पहचान पत्र जो पंचायत द्वारा बनाया गया हो जैसे कि रासन कार्ड  या वोटर कार्ड , आधार कार्ड , बैंक खाते की पासबुक , ज़मीन की जमाबंदी और उससे जुड़े कागज़ , मोबाइल नंबर और आवेदक के फोटो होना चाहिए ।

पीएम कृषि सिंचाई योजना आवेदन करें 2022

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया :

सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने के लिए एक आधिकारिक वेवसाइट बनाई है ।

PMKSY Application Portal
PMKSY Application Portal

जिसे भी इस योजना से जुडी जानकारी चाहिए हो वो इछुक व्यक्ति इस वेवसाइट पर जा कर कहीं से भी सारी जानकारी ले सकता है ।

PMKSY Form online
PMKSY Form online

आवेदक कृषि विभाग की प्रमाणित वेबसाइट http://pmksy.gov.in/ पर जा कर क्लिक करेगा ।

फिर स्क्रीन पर होम पेज खुल जायेगा । होम पेज परअब “हर खेत को पानी” के विकल्प पर क्लिक करना है और

आगे पन्ने पर सारी जानकारी जैसे कि आवेदक का नाम, जिला , ज़मीन से जुड़ी जानकारी आदि सही सही भरनी है ।

ये जानकारी भरने के बाद  जमा करें के विकल्प पे क्लिक करते ही सारी जानकारी सब्मिट हो जायेगी ।

आगे किसी प्रकार की जानकारी लेने के लिए फॉर्म की एक प्रतिलिपि भी ले सकते है ।

ऑफलाइन आवेदन करने के लिए आवेदक को अपने क्षेत्र के कृषि विभाग से जुड़े कार्यालय में जा कर आवेदन करना होगा। वहाँ कृषि अधिकारी एक फ़ॉर्म देगा जिसमें आवेदक को सारी जानकारी सही भर कर साथ में भरे गए साक्ष्यों की प्रतिलिपि भी संलग्न करनी होगी ताकि कृषि अधिकारी जांच कर सके कि आवेदक की जानकारी सही है अथवा नहीं । उन सलग्न साक्ष्यों में आवेदक का पहचान पत्र, आधार कार्ड , वोटर कार्ड आदि शामिल होंगे । pmksy.gov.in login

PM Krishi Sinchayee Yojana Status 2022

PMKSY प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का परीक्षण 

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का परीक्षण राज्यकीय स्तर पर इस प्रकार किया गया है :
  • प्रगतिशील राज्य  : आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना ।
  • प्रदर्शन करने वाले राज्यों में :  पंजाब, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा ।
  • जिन राज्यों में सूक्ष्म सिंचाई की जाती है :  अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड और पश्चिम बंगाल ।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत  ‘हर खेत को पानी’ के उद्देश्य से भारत के प्रधानमंत्री ने 2015 में की । इस योजना से किसानो को बहुत लाभ मिला । किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए समय पर पानी मिलने से फसल की पैदावार में बढ़ोतरी हुई और अच्छी किस्म की फसल का उत्पादन हुआ । जिससे किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा । इससे भारत में खेती करने वालों की भी बढ़ोतरी है क्योंकि बहुत से लोग सिंचाई के लिये पानी की कमी के कारण खेती छोड़ चुके थे । किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने से वो आत्मनिर्भर बन पाएंगे।  ‘हर खेत को पानी ‘ इस योजना के मुख्य बिंदु  ने भारत में फिर से खेती को मज़बूत कर दिया।

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